निर्यात की नई ऊँचाई
जनवरी 2026 में भारत का कुल निर्यात $80.45 बिलियन रहा, जबकि आयात $90.83 बिलियन दर्ज हुआ। व्यापार घाटा $10.38 बिलियन तक सीमित रहा। खास बात यह है कि गैर-तेल आधारित उत्पादों का निर्यात 4.89% बढ़ा, जो दर्शाता है कि भारतीय वस्तुएं अब तेल के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी ग्लोबल मार्केट में टिक रही हैं।
चमकते उद्योग
कुछ क्षेत्रों ने इस समय खास प्रदर्शन किया है:
इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स: तकनीकी उत्पादों की मांग में तेजी।
फार्मा: दवाइयों का निर्यात लगातार मजबूत।
खेती और समुद्री उत्पाद: अनाज, कॉफी और समुद्री उत्पादों का निर्यात बढ़ा।
ऑटो पार्ट्स: यूरोपीय बाजार में 28% की वृद्धि, कुल निर्यात $2.2 बिलियन तक।
अमेरिका-भारत ट्रेड डील
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात मार्केट है, जहां निर्यात $72 बिलियन पार कर चुका है। प्रस्तावित ट्रेड डील से भारतीय उत्पाद और प्रतिस्पर्धी बनेंगे। इसमें टैक्स कम करना, नए बाजार तक पहुंच आसान बनाना और नियमों में सुगमता शामिल हैं।
‘मेक इन इंडिया’ से ‘सेल टू वर्ल्ड’
भारत अब केवल कच्चा माल नहीं, बल्कि तैयार और तकनीकी उत्पाद दुनिया को भेज रहा है। इंजीनियरिंग, फार्मा और ऑटो सेक्टर की ताकत यह दिखाती है कि ‘मेक इन इंडिया’ की रणनीति अब वैश्विक सफलता की ओर बढ़ रही है।
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