नौसेना की तैयारी भी जोरों पर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS जेराल्ड आर. फोर्ड अब मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ तीन गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर्स USS महान, USS बेनब्रिज और USS विंस्टन चर्चिल भी तैनात किए गए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह स्ट्राइक ग्रुप ईरान के आसपास जल्द ही परिचालन तैयार होगा।
कूटनीति और सैन्य कार्रवाई का संतुलन
हालांकि सैन्य तैयारी बढ़ी है, लेकिन कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। जेनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता का दूसरा दौर संपन्न हुआ। दोनों पक्षों ने इसे सकारात्मक और रचनात्मक बताया। ईरान ने संकेत दिए कि आने वाले हफ्तों में विस्तृत प्रस्ताव लेकर वार्ता में लौटेंगे।
मिसाइल और एयर स्ट्राइक की तैयारी
विशेषज्ञों के अनुसार, तैनात किए गए F-22 और F-35 जैसे जेट्स लंबी दूरी से हवाई हमला करने में सक्षम हैं। वहीं F-16 फाइटर जेट्स क्षेत्रीय नियंत्रण बनाए रखने में मदद करेंगे। इस कदम से अमेरिका ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि जरूरत पड़ी तो वह क्षेत्र में किसी भी अस्थिरता को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई कर सकता है।
अमेरिका का ईरान पर क्या अगला कदम होगा?
हाल में सैन्य और कूटनीतिक दोनों मोर्चों पर सक्रियता को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका फिलहाल अपनी ताकत दिखाकर वार्ता को प्रभावी बनाना चाहता है। हालांकि किसी भी हमले की संभावना फिलहाल सिर्फ रणनीतिक चेतावनी के तौर पर ही देखी जा रही है।

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