वैश्विक मंच पर भारत की अहमियत
गुतारेस ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत ने शांति, सुरक्षा, सतत विकास और मानवाधिकार जैसे वैश्विक मामलों में निर्णायक भूमिका निभाई है। उन्होंने विशेष रूप से भारत द्वारा जी20 की अध्यक्षता के दौरान लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों को याद किया और कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों के संदर्भ में भी भारत विश्व स्तर पर एक मजबूत शक्ति बन चुका है।
शांति स्थापना में भारत की भागीदारी
महासचिव ने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में लगभग 5000 भारतीय पुरुष और महिलाएं विश्व के विभिन्न हिस्सों में शांति रक्षा अभियानों में सक्रिय हैं। उन्होंने भारत के पहले पूर्ण महिला पुलिस दल के योगदान को “उल्लेखनीय” बताया और इसकी सराहना की।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका
गुतारेस ने संकेत दिया कि विकसित देशों जैसे G7 की वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी लगातार कम हो रही है, जबकि उभरती अर्थव्यवस्थाएं, जिनमें भारत अग्रणी है, तेजी से अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं। यह प्रवृत्ति भविष्य में एक अधिक न्यायपूर्ण और समान वैश्विक व्यवस्था के निर्माण में योगदान देगी।
गुतारेस के अनुसार, भारत ने न केवल आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, बल्कि वैश्विक शांति और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके विचारों से यह स्पष्ट होता है कि भारत अब विश्व मंच पर नई महाशक्ति के रूप में उभर रहा है।
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