Reliance Jio ने ‘Jio Aarogya AI’ नाम से एक ऐसा AI-आधारित क्लिनिक मॉडल पेश किया है, जिसका उद्देश्य देश के प्राइमरी हेल्थ सिस्टम को ज्यादा तेज, सुलभ और किफायती बनाना है। यह पहल खासतौर पर ग्रामीण और दूर-दराज़ के इलाकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की पहुंच सीमित रहती है।
प्राइमरी हेल्थकेयर के लिए AI क्लिनिक मॉडल
‘Jio Aarogya AI’ एक ऐसा स्मार्ट सिस्टम है जो मरीज के शुरुआती स्वास्थ्य संकेतों की कुछ ही मिनटों में जांच कर सकता है। यह जरूरी पैरामीटर्स की स्क्रीनिंग करके संभावित जोखिमों की पहचान करता है। इस मॉडल का मकसद बीमारी को शुरुआती चरण में पकड़ना है, ताकि इलाज में देरी न हो और जटिलताओं से बचा जा सके।
स्मार्ट मिरर और वॉइस AI की सुविधा
इस सिस्टम की सबसे खास बात इसका AI-इनेबल्ड डायग्नोस्टिक डिवाइस है, जिसे स्मार्ट मिरर कहा जा रहा है। मरीज इस डिवाइस के सामने खड़ा होकर आंखों, त्वचा और अन्य विज़ुअल संकेतों के आधार पर हेल्थ रीडिंग दे सकता है। AI इन संकेतों का विश्लेषण कर प्रारंभिक स्वास्थ्य आकलन तैयार करता है। साथ ही, वॉइस AI डॉक्टर फीचर मरीजों को अपनी समस्या बोलकर बताने की सुविधा देता है।
इमरजेंसी मामलों को प्राथमिकता
यह AI मॉडल मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर सकता है। जिन मामलों में तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है। इससे डॉक्टरों पर सामान्य मामलों का दबाव कम हो सकता है और वे गंभीर मरीजों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
पोर्टेबल जांच और कनेक्टिविटी
इस मॉडल को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है। जहां इंटरनेट उपलब्ध है, वहां इसे स्थापित करना संभव है। पोर्टेबल मेडिकल उपकरणों जैसे ECG या एक्स-रे यूनिट को भी इससे जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, ऑनलाइन परामर्श और डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन जैसी सुविधाएं भी इसमें शामिल की जा सकती हैं।
क्या बदलेगी ग्रामीण स्वास्थ्य तस्वीर?
भारत के कई हिस्सों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संसाधनों की कमी एक बड़ी समस्या है। यदि AI-आधारित क्लिनिक बड़े पैमाने पर लागू होते हैं, तो वे शुरुआती जांच और विशेषज्ञ परामर्श के बीच की दूरी कम कर सकते हैं। डिजिटल तकनीक के विस्तार के साथ, ऐसी पहलें ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा दे सकती हैं।

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