रणनीतिक साझेदारी और वार्ता
भारत और फ्रांस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत करने पर सहमति व्यक्त की। इसके अलावा ‘होराइजन 2047’ रोडमैप के कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए वार्षिक विदेश मंत्री स्तरीय बैठक शुरू करने पर भी चर्चा हुई।
नवाचार और प्रौद्योगिकी में सहयोग
दोनों देशों ने नवाचार वर्ष की शुरुआत की और भारत-फ्रांस इनोवेशन नेटवर्क का शुभारंभ किया। स्टार्टअप इकोसिस्टम और तकनीक सहयोग को मजबूत करने के लिए टी-हब और नॉर्ड फ्रांस के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उन्नत सामग्री पर अनुसंधान केंद्र और डिजिटल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर की स्थापना भी इस अवसर पर हुई।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग
रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाते हुए पुराने समझौतों का नवीनीकरण किया गया। इसके अलावा बीईएल और फ्रांस की सफरान कंपनी के बीच हैमर मिसाइल बनाने के लिए जॉइंट वेंचर शुरू होगा। भारतीय और फ्रांसीसी सैन्य अधिकारियों के बीच अनुभव साझा करने की पहल भी की गई।
स्वास्थ्य और वैश्विक अनुसंधान
एम्स, नई दिल्ली में स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई आधारित इंडो-फ्रेंच सेंटर का शुभारंभ किया गया। इसके अलावा संक्रामक रोग और वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान, मेटाबॉलिक हेल्थ साइंसेज और वैज्ञानिक सहयोग के लिए कई समझौते हुए।
शिक्षा, कौशल और उन्नत उद्योग
एरोनॉटिक्स में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई। कर्नाटक के वेमगल में एच125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन किया गया, जो दोनों देशों के औद्योगिक सहयोग को दर्शाता है।
ऊर्जा और अन्य क्षेत्र में बड़ी डील
स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और फ्रांस ने सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया। इसके अलावा डाक सेवाओं में भी भारत और फ्रांस के डाक विभागों के बीच सहयोग के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर हुए। इस दौरे और समझौतों का संदेश स्पष्ट है की भारत-फ्रांस संबंध अब केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नवाचार, रक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और उद्योग सहित व्यापक क्षेत्रों में सहयोग के नए आयाम खोल रहे हैं।
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