परियोजना की रूपरेखा
यह कार्य बिहार जल सुरक्षा एवं सिंचाई आधुनिकीकरण परियोजना के तहत किया जा रहा है। इसके अंतर्गत सोन कैनाल सिस्टम की पश्चिमी मुख्य नहर का डेहरी फाल से 7.10 किमी तथा उसके आगे 18.70 किमी तक के हिस्से का आधुनिकीकरण शामिल है।
जल संसाधन विभाग ने परियोजना को दो चरणों में विभाजित किया है। तकनीकी बिड में एक दर्जन से अधिक एजेंसियों के प्रस्ताव स्वीकार किए जा चुके हैं। वित्तीय बिड 23 फरवरी को खोली जाएगी और चयनित एजेंसी को कार्यादेश जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
पक्की नहर के फायदे
पानी का रिसाव कम होगा – सीमेंट कंक्रीट लाइनिंग से नहर के तल और किनारों पर पानी का नुकसान कम होगा।
जल संचयन क्षमता बढ़ेगी – लाइनिंग के कारण नहर में पानी की अधिक मात्रा संरक्षित रहेगी।
नहर का जीवनकाल बढ़ेगा – पुरानी जर्जर नहर की जगह मजबूत और टिकाऊ संरचना बनेगी।
रखरखाव की लागत घटेगी – पक्की नहर के कारण नियमित मरम्मत और रखरखाव पर होने वाला खर्च कम होगा।
अधिकारियों का बयान
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है और वित्तीय बिड खुलने के बाद शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

0 comments:
Post a Comment