बिहार में जमीन खरीद के नए नियम! 13 शर्तें पूरी करें, तभी होगी रजिस्ट्री

पटना। बिहार में जमीन खरीदने या बेचने वालों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया में नई शर्तें लागू होंगी। अब बिना पूरी और प्रमाणिक जानकारी दिए रजिस्ट्री कराना संभव नहीं होगा। राज्य सरकार ने यह व्यवस्था जमीन से जुड़े लेन-देन को साफ-सुथरा और विवाद रहित बनाने के उद्देश्य से तैयार की है। अक्सर अधूरी जानकारी के आधार पर रजिस्ट्री होने के बाद कानूनी पेंच फंस जाते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए अब पहले ही जमीन का पूरा ब्यौरा देना जरूरी होगा।

ऑनलाइन देनी होगी ये 13 जानकारी

नई प्रक्रिया के तहत इच्छुक खरीदार को ई-निबंधन पोर्टल पर पंजीकरण कर जमीन से जुड़ी 13 प्रकार की सूचनाएं भरनी होंगी। इनमें जमीन का स्थान, खाता-खेसरा विवरण, रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी की स्थिति, मालिक का नाम, खरीदार-विक्रेता की जानकारी और भूमि की प्रकृति जैसी अहम जानकारियां शामिल रहेंगी। जब तक ये सभी विवरण दर्ज नहीं किए जाएंगे, तब तक रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

अधिकारी करेंगे जांच

यदि आवेदक चाहे तो वह जमीन के रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि भी मांग सकता है। ऐसी स्थिति में आवेदन संबंधित अंचल कार्यालय को ऑनलाइन भेजा जाएगा। अधिकारी रिकॉर्ड की जांच कर निर्धारित समय के भीतर स्थिति स्पष्ट करेंगे। अगर तय समय में जवाब नहीं मिलता है, तो पोर्टल पर दी गई जानकारी के आधार पर आगे की प्रक्रिया स्वतः जारी रहेगी।

क्यों किया गया बदलाव?

सरकार का मानना है कि जमीन से जुड़े विवादों की बड़ी वजह स्पष्ट जानकारी का अभाव है। नई व्यवस्था से खरीद से पहले ही जमीन की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी, जिससे भविष्य में विवाद और धोखाधड़ी की संभावना कम होगी। 1 अप्रैल 2026 से बिहार में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया अधिक सख्त और पारदर्शी होने जा रही है। ऐसे में जमीन खरीदने-बेचने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी तैयार रखना बेहद जरूरी होगा।

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