विशेषज्ञों की मुख्य बातें
1. सफलता की संभावना:
अधिकांश महिलाओं को पहले 2-3 प्रयासों में सफलता मिल जाती है। यदि 3 प्रयासों के बाद भी गर्भधारण नहीं होता, तो इसे “बार-बार IVF विफलता” माना जाता है और इसके बाद आगे के विकल्पों पर विचार किया जाता है।
2. उम्र का असर:
40 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में सफल IVF के लिए डोनर अंडों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा सकती है।
3. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य:
अत्यधिक प्रयास से शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह और भावनात्मक तनाव का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए प्रत्येक प्रयास के पहले डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।
4. चक्रों के बीच ब्रेक:
एक IVF चक्र के बाद कम से कम 1-2 महीने का ब्रेक लेना शरीर को रिकवर करने के लिए फायदेमंद होता है। यह समय महिला के हार्मोनल और शारीरिक संतुलन को बहाल करता है।
व्यक्तिगत सलाह जरूरी
हर महिला का शरीर और परिस्थितियाँ अलग होती हैं। इसलिए यह जरूरी है कि IVF कराने से पहले अपने डॉक्टर से व्यक्तिगत मार्गदर्शन लिया जाए। सही योजना, समय और विशेषज्ञ की देखरेख से सफलता की संभावना बढ़ाई जा सकती है

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