विसंगतियों को दूर करने की प्रक्रिया
शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में एचआरए से जुड़ी 90 प्रतिशत विसंगतियां पहले ही दूर कर ली गई हैं, और शेष 10 प्रतिशत मामलों को जल्द ही निपटा लिया जाएगा। इसके बाद राज्यभर में किसी भी शिक्षक को एचआरए के मामले में कोई भेदभाव नहीं होगा। यह घोषणा विधानसभा में अजय कुमार द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में की गई।
क्या है एचआरए की विसंगति?
वर्तमान में कई नियोजित और विशिष्ट शिक्षकों को शहरी क्षेत्रों में एचआरए का लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि बिहार गजट के अनुसार विशिष्ट शिक्षक और नियोजित शिक्षक को शहरी क्षेत्रों में 10 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत तक एचआरए मिलना चाहिए। कई जिलों में एचआरए की विसंगति के कारण शिक्षकों को आर्थिक नुकसान हो रहा था। अब शिक्षा मंत्री ने यह सुनिश्चित किया है कि इन विसंगतियों को जल्द ही दूर किया जाएगा।
शिक्षकों को मिलेगा पूरा लाभ
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार के स्तर पर कोई भेदभाव नहीं होगा और सभी शिक्षक समान रूप से आवासीय भत्ता का लाभ उठाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों के बीच वेतन विसंगतियों को दूर करने का काम काफी हद तक किया जा चुका है।
विशिष्ट शिक्षकों को मिलेगा लाभ
विधानसभा में जहानाबाद विधायक राहुल कुमार द्वारा उठाए गए एक सवाल पर शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि विशिष्ट शिक्षकों को उनके प्रशिक्षित शिक्षक के रूप में किए गए कार्य की अवधि का लाभ उनकी सेवा की निरंतरता के तहत मिलेगा। मंत्री ने बताया कि इसके लिए नियमावली को वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजा गया है।

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