कलौंजी किस बीमारी में काम आती है? जानें 6 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। कलौंजी, जिसे ब्लैक सीड्स या ब्लैक क्यूमिन के नाम से भी जाना जाता है, लंबे समय से आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में इस्तेमाल होती रही है। आज के समय में इसे सुपरफूड के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन क्या ये सच में सभी दावों पर खरी उतरती है? आइए जानते हैं, विशेषज्ञों की राय के आधार पर।

1. ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में मददगार

कलौंजी के बीज ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं। नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से यह उच्च रक्तचाप को सामान्य रखने में योगदान कर सकती है।

2. लिवर और किडनी के लिए फायदेमंद

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि कलौंजी के बीज लिवर और किडनी की रक्षा में मदद कर सकते हैं। हालांकि, ज्यादातर डेटा अभी प्रयोगात्मक स्तर पर आधारित है।

3. ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक

कलौंजी इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाने और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में योगदान कर सकती है। इसलिए डायबिटीज या प्री-डायबिटीज के मामलों में इसे सहायक माना जा सकता है।

4. सूजन और जोड़ों के दर्द में राहत

कलौंजी के बीज में सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। रुमेटॉइड आर्थराइटिस जैसे रोगों पर किए गए परीक्षणों से संकेत मिले हैं कि सूजन के कुछ मार्कर सुधारते हैं, जिससे जोड़ों के दर्द में राहत मिल सकती है।

5. अस्थमा और एलर्जी में मददगार

अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए कलौंजी सहायक हो सकती है। नियमित और सीमित मात्रा में सेवन से श्वसन प्रणाली की सूजन और एलर्जी संबंधी लक्षणों में कमी आ सकती है।

6. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

कलौंजी के बीज प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत हैं। ये शरीर को हानिकारक मुक्त कणों से लड़ने में मदद करते हैं और इम्यूनिटी बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं।

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