बदलाव की शुरुआत
कुंडा विधानसभा के विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' ने सदन में नियमों की सीमाओं को उजागर करते हुए कहा कि मौजूदा नियमों में केवल 'असाध्य रोगों' के इलाज का ही प्रावधान है। जबकि सड़क हादसों या अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज भी बहुत महंगा होता है और गरीब परिवार इसे अकेले वहन नहीं कर पाते।
मुख्यमंत्री का समर्थन
राजा भैया के सुझाव के बाद मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार विधायक निधि के दिशा-निर्देशों में आवश्यक बदलाव पर विचार कर रही है। इसका मकसद अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाना है।
प्रशासनिक कदम
ग्राम्य विकास विभाग ने अब नियमों का अध्ययन शुरू कर दिया है। विभाग उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित करेगा और तदुपरांत संशोधित आदेश जारी किए जाएंगे। इसमें सहायता राशि, पात्रता मानक और आवेदन प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और आसान बनाया जा सकता है।
‘एक बार मदद’ का प्रावधान बदल सकता है
मौजूदा नियमों के अनुसार एक मरीज को पूरे इलाज के दौरान केवल एक बार सहायता मिलती है। कई विधायकों का मानना है कि लंबी बीमारी या इलाज के लिए यह पर्याप्त नहीं है। नए नियमों के तहत जरूरत पड़ने पर किस्तों में या दोबारा सहायता मिलने की संभावना बनाई जा रही है।
ग्रामीण इलाकों को मिलेगा सबसे अधिक फायदा
जानकारों का कहना है कि यह बदलाव ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब मरीजों के लिए सबसे लाभकारी साबित होगा। अक्सर अचानक आई चिकित्सीय आपदा उन्हें आर्थिक तंगी में डाल देती है। नए बदलाव से न केवल मदद समय पर पहुंचेगी, बल्कि मरीजों के लिए राहत भी सुनिश्चित होगी।

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