भारत-फ्रांस की बड़ी डिफेंस डील, पाक के उड़े होश, चीन सन्न!

नई दिल्ली। 17 फरवरी 2026 का दिन भारत-फ्रांस संबंधों में एक मील का पत्थर साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैनुएल मैक्रों भारत दौरे पर पहुंचे। मुंबई में दोनों नेताओं की मुलाकात ने द्विपक्षीय संबंधों को ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के उच्च स्तर तक पहुंचा दिया।

‘होराइजन 2047’ और रणनीतिक साझेदारी

दोनों नेताओं ने होराइजन 2047 रोडमैप लागू करने का संकल्प दोहराया। इसका मकसद सिर्फ व्यापार बढ़ाना नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और स्थिर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में भारत की भागीदारी को मजबूत करना है। इसके तहत विदेश मंत्रियों के वार्षिक संवाद, वैश्विक आर्थिक सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और जनसम्पर्क कार्यक्रमों पर नियमित समीक्षा होगी।

रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम

भारत और फ्रांस का रक्षा सहयोग अब सिर्फ खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं रहेगा। अब फोकस को-डिजाइन, को-डेवलप और को-प्रोडक्शन पर है।

जेट और हेलीकॉप्टर इंजन: सैफरन ग्रुप और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) मिलकर इंडियन मल्टी रोल हेलीकॉप्टर के लिए इंजन विकसित करेंगे।

राफेल M-88 इंजन: भारत में इसकी मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) सुविधा स्थापित होगी।

H125 हेलीकॉप्टर असेंबली: टाटा और एयरबस के सहयोग से भारत में पहली प्राइवेट सेक्टर असेंबली लाइन शुरू की गई।

पनडुब्बी कार्यक्रम: स्कॉर्पीन पनडुब्बी प्रोग्राम (P75) की सफलता को आगे बढ़ाते हुए दोनों देशों के बीच नई पनडुब्बियों के निर्माण पर भी सहमति बनी है।

ऊर्जा और परमाणु क्षेत्र

ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में फ्रांस ने भारत का सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई। फ्रांस ने इस योजना और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने वाले सुधारों की प्रशंसा की। साझा बयान के अनुसार, दोनों देश जैतपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट, SMR और AMR तकनीक पर शोध और विकास करेंगे।

स्पेस और साइबर सुरक्षा

स्पेस क्षेत्र में ISRO और फ्रांस की CNES एजेंसी का सहयोग नई ऊँचाइयों पर पहुंच रहा है। जॉइंट सैटेलाइट प्रोजेक्ट और ह्यूमन स्पेस फ्लाइट (गगनयान) में दोनों देशों की साझेदारी बढ़ेगी। 2026 में स्ट्रैटेजिक स्पेस डायलॉग में अंतरिक्ष सुरक्षा और सैटेलाइट रक्षा पर विशेष चर्चा होगी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)

साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भी दोनों देश हाथ मिला रहे हैं। अगली बैठकों में साइबर हमलों और डिजिटल खतरों की रोकथाम पर रणनीति तैयार होगी। AI क्षेत्र में सहयोग मानव हित और सुरक्षा के लिए होगा।

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