भारत-अमेरिका ट्रेड डील इंपैक्ट: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते का असर भारतीय कृषि निर्यात पर साफ दिखने लगा है। खासकर बासमती चावल के निर्यात में तेजी आई है, जिससे किसानों और निर्यातकों को उम्मीद की किरण मिली है। इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) के एक सदस्य ने अमेरिका के खरीदार के साथ 5,000 मीट्रिक टन बासमती चावल की आपूर्ति के लिए समझौता किया है। यह डील हालिया ट्रेड डील के तुरंत बाद सामने आई और इसे निर्यातकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

निर्यातकों के लिए नया अवसर

IREF का मानना है कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए सकारात्मक संकेत है। अमेरिका में बासमती चावल की मांग लगातार बढ़ रही है और यह सौदा नए व्यापार के रास्ते खोल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे समझौते भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत स्थिति दिलाते हैं।

टैरिफ में कटौती से बढ़ी संभावनाएं

भारत और अमेरिका के बीच हालिया समझौते में अमेरिका ने भारतीय कृषि उत्पादों पर लगाए जाने वाले टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय लिया। इससे भारतीय एग्रीकल्चर उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनेंगे और निर्यातकों के लिए व्यापारिक माहौल सुधरेगा।

निर्यात के आंकड़े संकेत दे रहे हैं

एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से नवंबर 2025 तक अमेरिका को भारत का कुल चावल निर्यात 3,26,400 मीट्रिक टन रहा, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 2,88,363 मीट्रिक टन था। इससे स्पष्ट है कि अमेरिकी बाजार में भारतीय चावल की मांग लगातार बढ़ रही है।

किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए फायदे

ट्रेड डील और बासमती निर्यात में बढ़ोतरी से किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। अधिक मांग और बेहतर कीमतों से उनकी आय बढ़ेगी। इसके अलावा, निर्यातकों को नए बाजार और अवसर मिलेंगे, जिससे भारतीय कृषि निर्यात को वैश्विक मंच पर मजबूती मिलेगी।

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