यूपी में तीसरी रेल लाइन की मंजूरी, इन जिलों को खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से को रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ी राहत मिली है। रेल मंत्रालय ने पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के अंतर्गत औंड़िहार–वाराणसी (31.36 किमी) खंड पर तीसरी रेल लाइन बिछाने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए लगभग 497.07 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह परियोजना वाराणसी और गाजीपुर जिलों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाएगी और पूरे पूर्वांचल की रेल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी।

पहले से जारी दोहरीकरण कार्य

इस रेलमार्ग पर भटनी से औंड़िहार के बीच दोहरीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। कीड़िहरापुर–इन्दारा, सादात–औंड़िहार, भटनी–पिवकोल, बेलथरा रोड–कीड़िहरापुर, दुल्लहपुर–सादात और मऊ–दुल्लहपुर समेत लगभग 89.47 किमी का काम पूरा हो चुका है।

पिवकोल से बेलथरा रोड (27.53 किमी) खंड का कार्य अंतिम चरण में है, जिसमें सरयू नदी पर तुर्तीपार रेल पुल का निर्माण भी शामिल है। उम्मीद है कि दिसंबर तक दोहरीकरण का कार्य पूर्ण हो जाएगा। पूरे भटनी–औंड़िहार खंड का विद्युतीकरण और दोहरीकरण लगभग 1177.96 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।

बढ़ेगी रेल लाइन की क्षमता

तीसरी लाइन बिछने से गोरखपुर–वाराणसी–प्रयागराज रेलमार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही और सुगम हो जाएगी। यात्रियों की बढ़ती मांग के अनुसार अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। औंड़िहार जंक्शन, जो कि पूर्वोत्तर रेलवे का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है, यहां से मऊ, गोरखपुर, बलिया, आजमगढ़, गाजीपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर समेत देशभर के अन्य कई प्रमुख शहरों के लिए ट्रेनें संचालित होती हैं। तीसरी लाइन बनने से इस पूरे नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।

इतना ही नहीं रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही विद्युतीकरण के कारण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे प्रदेश के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा।

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