1. BrahMos-NG: हल्का, तेज और अधिक घातक
ब्रह्मोस-एनजी (नेक्स्ट जेनरेशन) सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का उन्नत संस्करण है। यह मौजूदा ब्रह्मोस से हल्की और अधिक कॉम्पैक्ट होगी, जिससे इसे लड़ाकू विमानों, जहाजों और पनडुब्बियों पर आसानी से तैनात किया जा सकेगा। इसकी तेज गति और सटीक निशानेबाजी क्षमता इसे रणनीतिक रूप से बेहद अहम बनाती है।
2. BrahMos-II: हाइपरसोनिक युग की ओर कदम
ब्रह्मोस-2 को हाइपरसोनिक तकनीक पर विकसित किया जा रहा है। अनुमान है कि यह ध्वनि की गति से कई गुना तेज उड़ान भर सकेगी। इतनी अधिक गति के कारण दुश्मन के लिए इसे ट्रैक करना और रोकना बेहद कठिन होगा। यह परियोजना भारत को हाइपरसोनिक हथियारों की दौड़ में अग्रणी देशों की कतार में ला सकती है।
3. AMCA: पांचवीं पीढ़ी का स्वदेशी लड़ाकू विमान
एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) भारत का महत्वाकांक्षी स्टेल्थ फाइटर जेट प्रोग्राम है। इसे अत्याधुनिक एवियोनिक्स, स्टेल्थ तकनीक और मल्टी-रोल क्षमताओं से लैस बनाया जा रहा है। इसके शामिल होने से भारतीय वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा होगा और लंबी दूरी के मिशनों में बढ़त मिलेगी।
4. HAL Tejas Mark 2: नई पीढ़ी का बहु-भूमिका लड़ाकू
तेजस मार्क-2, मौजूदा तेजस का उन्नत संस्करण है। इसमें अधिक शक्तिशाली इंजन, बेहतर रडार और आधुनिक हथियार प्रणाली शामिल की जा रही है। यह विमान वायुसेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है और आने वाले वर्षों में पुराने विमानों की जगह ले सकता है।

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