भारत रूस से खरीदेगा 288 मिसाइलें, पाकिस्तान के लिए तबाही!

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच रक्षा संबंधों में एक बार फिर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। फरवरी 2026 में सामने आई खबरों के अनुसार, भारत ने रूस से 288 S-400 एयर डिफेंस मिसाइलें खरीदने के लिए स्वीकृति प्राप्त कर ली है। यह सौदा भारतीय सशस्त्र सेनाओं की लंबी दूरी की हवाई सुरक्षा क्षमता को और मजबूत करेगा।

S-400 डील की खास बातें

रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की मंजूरी के तहत यह सौदा 10,000 करोड़ रुपये का होगा। मिसाइलों की रेंज 40 किलोमीटर से लेकर 400 किलोमीटर तक है। इसके तहत 120 कम रेंज वाली और 168 लंबी रेंज वाली मिसाइलें शामिल होंगी। इस सौदे की खरीदारी फास्ट ट्रैक प्रक्रिया (FTP) के जरिए जल्द पूरी की जाएगी।

पहले से प्रभावी रही S-400 मिसाइलें

S-400 मिसाइलों ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर में भी अहम भूमिका निभाई थी। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तानी फाइटर जेट, अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट और कॉम्बैट ड्रोन को सफलतापूर्वक नाकाम किया था। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में तैनात उसके निगरानी विमान को 314 किलोमीटर दूर से मार गिराया गया, जिससे पाकिस्तानी सेना को अपने विमानों को अफगानिस्तान और ईरान की सीमा पर स्थित एयरबेस में शिफ्ट करना पड़ा।

पाकिस्तान के रडार सिस्टम पर असर

S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के अहम रडार सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचाया। लाहौर, रावलपिंडी, सियालकोट और पासरूर में तैनात रडार उपकरण प्रभावहीन हो गए, जिससे पाकिस्तानी वायु सेना को मई 2025 में कोई जवाब देने की स्थिति नहीं मिली।

नई मिसाइल खरीद के रणनीतिक महत्व

288 नई मिसाइलों की खरीद से भारत की हवाई सुरक्षा क्षमता और भी मजबूत होगी। लंबी दूरी वाली मिसाइलें देश की सीमा पर किसी भी प्रकार के हवाई खतरे का प्रभावी जवाब देने में सक्षम होंगी। यह सौदा भारत की एयर डिफेंस स्ट्रेटेजी और पड़ोसी देशों के लिए सुरक्षा संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।

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