इजरायल ने बनाया 'Arrow 4', ईरान की बढ़ी टेंशन!

न्यूज डेस्क। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल ने अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए Arrow 4 (एरो-4) इंटरसेप्टर सिस्टम विकसित किया है। यह अत्याधुनिक प्रणाली हाइपरसोनिक मिसाइलों और ग्लाइड व्हीकल्स को रोकने में सक्षम है, जो रडार को चकमा देने की क्षमता रखते हैं। इस कदम से खासकर ईरान के खिलाफ इजरायल की रक्षा प्रणाली और भी मजबूत हो जाएगी।

Arrow 4 क्या है?

Arrow 4 को इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज और अमेरिकी मिसाइल डिफेंस एजेंसी ने मिलकर विकसित किया है। यह सिस्टम विशेष रूप से उन हाइपरसोनिक मिसाइलों को रोकने के लिए बनाया गया है, जो पारंपरिक रडार सिस्टम के लिए पकड़ना मुश्किल होती हैं। Arrow 4 अब 30 साल पुराने एरो-2 सिस्टम की जगह लेगा और इजरायल के आकाश में सुरक्षा की एक नई परत जोड़ देगा। यह सिस्टम अंतरिक्ष और कम ऊँचाई दोनों पर दुश्मन की मिसाइलों को ट्रैक और नष्ट करने में सक्षम है।

हाइपरसोनिक मिसाइलों का जवाब

ईरान ने हाल ही में 'फतह-1' जैसी हाइपरसोनिक मिसाइलों का दावा किया था। इन मिसाइलों की रफ्तार और दिशा बदलने की क्षमता के कारण इजरायल के पुराने सिस्टम चुनौती का सामना कर सकते थे। Arrow 4 ने इस चुनौती का जवाब देते हुए एक नई तकनीक पेश की है, जो हाइपरसोनिक मिसाइलों का मुकाबला करने में सक्षम है।

इजरायल के Arrow 4 की क्या है ताकत?

Arrow 4 का सबसे बड़ा फ़ायदा इसका AI आधारित सेंसर और "शूट-लुक-शूट" तकनीक है। इसका मतलब है कि मिसाइल दागे जाने के बाद भी टारगेट को ट्रैक करती है, देखती है कि हमला सफल हुआ या नहीं, और जरूरत पड़ने पर फिर से वार करती है। इसके विंगलेट्स इसे हवा में तेज़ी से मोड़ने की क्षमता देते हैं, जिससे यह उन मिसाइलों का भी पीछा कर सकती है जो उड़ान के दौरान दिशा बदलती हैं। Arrow 4 की टेस्टिंग आने वाले महीनों में शुरू हो सकती है।

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