केंद्रीय कर्मचारी ध्यान दें: 8वें वेतन आयोग में DA ‘0’ क्यों होगा?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि 8वें वेतन आयोग लागू होने पर महंगाई भत्ता (DA) शून्य क्यों दिखेगा और क्या इससे सैलरी कम हो जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि DA का ‘0’ होना नुकसान नहीं, बल्कि सैलरी बढ़ने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इसे समझने के लिए दो मुख्य तकनीकी वजहें हैं।

वजह 1: बेस ईयर का बदलना

DA की गणना महंगाई सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर होती है, जिसमें एक बेस ईयर तय होता है। वर्तमान में यह 2016 है। 8वें वेतन आयोग लागू होने पर बेस ईयर 2026 तक अपडेट हो सकता है। जैसे नए वेतन आयोग शुरू होगा वैसे ही DA की गिनती नई बेस लाइन से शुरू होगी। इसका मतलब है कि पुराने DA की गणना नए बेसिक सैलरी में एडजस्ट होगी और DA फिर से 0% से शुरू होगा।

वजह 2: मौजूदा DA को बेसिक में मर्ज करना

1 जनवरी 2026 तक कर्मचारियों का DA लगभग 60% तय है। 8वें वेतन आयोग लागू होते ही यह 60% नई बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाएगा। मान लीजिए आपकी वर्तमान बेसिक सैलरी ₹18,000 है। DA 60% जोड़ने के बाद नई बेसिक बनेगी ₹28,800।

DA फिर 0% से रीसेट होगा: इसका फायदा यह है कि भविष्य में मिलने वाला हर प्रतिशत DA अब बढ़ी हुई बेसिक पर मिलेगा, जिससे वास्तविक बढ़ोतरी पहले से अधिक होगी। इससे सैलरी कम नहीं होगी, बल्कि बढ़ेगी। वहीं, नई बेसिक पर HRA, TA और अन्य भत्तों का लाभ बढ़ेगा। पेंशन और ग्रेच्युटी की गणना भी नई बेसिक पर होगी और भविष्य की DA वृद्धि भी नई बेसिक पर अधिक रकम देगी।

दरअसल, 8वें वेतन आयोग में DA का ‘0’ होना किसी नुकसान का संकेत नहीं है, बल्कि वेतन संरचना को नए आधार पर पुनर्गठित करने की प्रक्रिया है। इससे मूल वेतन में वृद्धि होगी और भविष्य में मिलने वाला महंगाई भत्ता भी अधिक राशि में मिलेगा। इसलिए ‘DA जीरो’ की खबर से घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि इसे दीर्घकालिक लाभ के रूप में समझने की आवश्यकता है।

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