निवेश और उत्पादन
गयाजी में प्रस्तावित इस स्टील कारखाने के लिए श्याम स्टील ने सरकार को प्रस्ताव दिया है कि वह इस परियोजना के तहत लगभग 5000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। राज्य के गया-डोभी रोड स्थित औद्योगिक गलियारे में यह कारखाना लगाया जाएगा, जिसकी क्षमता सालाना दस लाख टन स्टील उत्पादन की होगी। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग आठ हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
रोजगार और लाभ
गयाजी में स्टील प्लांट के संचालन से स्थानीय युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार व सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य रख रही है और इस परियोजना को इस दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सरकारी समर्थन
राज्य के मुख्य सचिव ने उद्योगपतियों से संवाद के दौरान कहा कि बिहार में उद्योग लगाने में आ रही बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। सभी संबंधित विभागों को उद्योग स्थापना और भुगतान से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे निवेशकों के लिए वातावरण और अधिक अनुकूल बनेगा।
चुनावी वादे का क्रियान्वयन
एनडीए ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में राज्य के हर जिले में कम से कम एक औद्योगिक इकाई स्थापित करने का वादा किया था। गयाजी में स्टील यूनिट इस वादे का पहला उदाहरण है। सरकार का उद्देश्य है कि औद्योगिक गतिविधियों से रोजगार के अवसर बढ़ें और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत बने।
गयाजी में स्टील प्लांट से न केवल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, बल्कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से और सशक्त बन सकेगा।
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