वेतन और वार्षिक वृद्धि
विद्यालय लिपिकों को प्रतिमाह 16,500 रुपये नियत वेतन मिलेगा, जो पहले विद्यालय सहायकों को ही दिया जाता था। इसके अलावा हर साल 500 रुपये की वार्षिक वेतनवृद्धि भी लागू होगी। यह निर्णय शिक्षा विभाग के उप सचिव अजय सतीश भेंगरा के हस्ताक्षर से अधिसूचित किया गया है।
नियमावली का महत्व
बिहार राज्य विद्यालय लिपिक संवर्ग नियमावली, 2025 के तहत यह बदलाव लागू हुआ है। नियमावली के पहले सेवा काल में यदि किसी शिक्षक-कर्मी का निधन हुआ होता, तो उसके आश्रितों को विद्यालय लिपिक के पद पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी जाती थी। अब इसी नियमावली का लाभ विद्यालय सहायकों पर भी लागू कर दिया गया है।
सहायकों पर भी समान नियम लागू
पूर्व में नियुक्त विद्यालय सहायक और विद्यालय परिचारी भी 2025 की नियमावली के तहत आते हैं। माध्यमिक शिक्षा के उप निदेशक अब्दुस सलाम अंसारी ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूर्व में नियुक्त सहायकों और परिचारियों का डेटा एचआरएमएस में अपडेट किया जाए और एनपीएस कटौती के लिए प्रान नंबर जनरेट किया जाए।
कर्मचारियों के लिए क्या होगा लाभ?
इस निर्णय से राज्य के हजारों विद्यालय लिपिकों और सहायकों को वित्तीय स्थिरता मिलेगी। वेतन में समानता के कारण कर्मचारियों में संतोष और मनोबल बढ़ेगा। बिहार सरकार का यह कदम न केवल कर्मचारियों की भलाई के लिए, बल्कि राज्य के शिक्षा ढांचे को मजबूत बनाने के लिए भी सकारात्मक माना जा रहा है।
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