विधानसभा में उठा मुद्दा
कहलगांव से जेडीयू विधायक शुभानंद मुकेश ने सदन में मांग उठाई कि बकाया बिजली बिल पर लगने वाले चक्रवृद्धि ब्याज और अधिभार को एकमुश्त समाधान योजना के तहत पूरी तरह माफ किया जाए। सदन में कुछ विधायकों ने गरीब उपभोक्ताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई लोगों के ऊपर एक-एक लाख रुपये तक बकाया हो चुका है और उनकी बिजली काट दी गई है। इस पर मंत्री ने शुरुआत में सख्त रुख दिखाया, लेकिन हंगामे के बाद उन्होंने ब्याज माफी पर विचार करने का आश्वासन दिया।
सरचार्ज में 100 फीसदी छूट
अब समाधान योजना 2025-26 के तहत एकमुश्त बकाया राशि जमा करने पर सरचार्ज पूरी तरह माफ किया जाएगा। इसका मतलब है कि उपभोक्ताओं को केवल मूल बकाया राशि ही जमा करनी होगी, ब्याज नहीं देना पड़ेगा। लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वालों के लिए यह बड़ी राहत है, क्योंकि सरचार्ज की वजह से उनकी देनदारी काफी बढ़ चुकी थी।
पहले चरण में आंशिक छूट
इससे पहले सरकार ने 3 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक एकमुश्त भुगतान पर 60 से 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफी दी थी। दूसरे चरण में 1 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक 50 से 90 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान था। अब पूरी छूट का फैसला उपभोक्ताओं के लिए और भी राहत भरा माना जा रहा है।
125 यूनिट बिजली मुफ्त
राज्य सरकार ने 1 अगस्त 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने की व्यवस्था लागू की है। इससे आम परिवारों के मासिक खर्च में कमी आई है। अब बकाया बिल पर ब्याज माफी का कदम आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए दोहरी राहत साबित हो सकता है।

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