बिहार सरकार का बड़ा फैसला: किसानों के लिए खुशखबरी, उठाएं लाभ!

भागलपुर। बिहार सरकार ने आम, लीची और अमरूद जैसी प्रमुख फसलें उगाने वाले किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। राज्य का पौधा संरक्षण विभाग ने इन फलों पर कीट प्रबंधन और रोग नियंत्रण के लिए विशेष छिड़काव योजना तैयार की है, जिसका उद्देश्य फलों की गुणवत्ता बढ़ाना और उत्पादन को अधिकतम करना है।

योजना के प्रमुख बिंदु

योजना के तहत छिड़काव दो चरणों में किया जाएगा: मंजर आने से पहले और मंजर आने के बाद। इसके लिए किसानों को कीटनाशक दवा पर सरकार की ओर से अनुदान मिलेगा, ताकि लागत कम हो और अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

प्रत्येक किसान के लिए अधिकतम वृक्षों की सीमा तय की गई है:

आम: 112 वृक्ष

लीची: 84 वृक्ष

अमरूद: 56 वृक्ष

आवेदन प्रक्रिया

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज़ होंगे। जैसे डीबीटी से प्राप्त पंजीकरण आईडी, आधार कार्ड, रैयत या गैर रैयत किसान होने का स्वघोषणा पत्र। 

अनुदान राशि

छिड़काव की लागत और अनुदान इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं:

आम: मंजर से पहले: प्रति वृक्ष लागत 76 रुपये, अनुदान 57 रुपये, मंजर के बाद: प्रति वृक्ष लागत 96 रुपये, अनुदान 72 रुपये

लीची: पहला छिड़काव: प्रति पौधा लागत 216 रुपये, अनुदान 162 रुपये, दूसरा छिड़काव: प्रति पौधा लागत 152 रुपये, अनुदान 114 रुपये

अमरूद: कीट प्रबंधन: प्रति वृक्ष लागत 44 रुपये, अनुदान 33 रुपये, व्याधि प्रबंधन: प्रति वृक्ष लागत 60 रुपये, अनुदान 45 रुपये। 

आपको बता दें की इस योजना से किसानों को लागत में राहत मिलेगी और फलों की पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह कदम बिहार सरकार की उन पहलों में शामिल है, जो कृषि उत्पादकता और किसानों की आमदनी बढ़ाने पर केंद्रित हैं। किसान इस योजना का लाभ जल्दी पंजीकरण और आवेदन करके उठा सकते हैं, क्योंकि अनुदान पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।

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