हाई-रिस्क जिले
इन जिलों में मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा, गया, गोपालगंज, पटना, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, सारण, सीतामढ़ी, सीवान और वैशाली शामिल हैं। वर्ष 2025 में मुजफ्फरपुर में नए संक्रमण सबसे अधिक दर्ज किए गए, जबकि पटना दूसरे स्थान पर है।
संक्रमण के आंकड़े
मुजफ्फरपुर: नए केस – 1253, जीवित संक्रमित – 9189
समस्तीपुर: नए केस – 131, जीवित संक्रमित – 8443
बेगूसराय: नए केस – 560, जीवित संक्रमित – 8462
सारण: नए केस – 25, जीवित संक्रमित – 8440
सीतामढ़ी: नए केस – 181, जीवित संक्रमित – 8515
दरभंगा: नए केस – 51, जीवित संक्रमित – 7461
पूर्वी चंपारण: नए केस – 280, जीवित संक्रमित – 6545
भागलपुर: नए केस – 310, जीवित संक्रमित – 5868
गोपालगंज: जीवित संक्रमित – 5868
गया: नए केस – 754, जीवित संक्रमित – 5397
पटना: नए केस – 850, जीवित संक्रमित – 4611
सीवान: नए केस – 25, जीवित संक्रमित – 764
वैशाली: नए केस – 355, जीवित संक्रमित – 6481
संक्रमितों में व्यस्क पुरुष 7334, महिलाएं 2957, युवा 2240, और बच्चे 359 हैं। पिछले वर्ष 1265 मरीजों की मृत्यु हुई, जिसमें 1168 व्यस्क पुरुष, 362 महिलाएं, 97 बच्चे और 58 युवा शामिल थे।
रोकथाम और जांच अभियान
बढ़ते मामलों को देखते हुए बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति ने होली के अवसर पर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष जांच कैंप लगाने का निर्णय लिया है। इन कैंपों में बाहर से आने वाले लोगों की भी जांच की जाएगी और संक्रमित पाए जाने पर रोकथाम और उपचार की कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टिंग में कमी
समीक्षा में यह भी पाया गया कि 225 ग्रामीण एएनएम केंद्र और 9 शहरी एएनएम केंद्र अपनी रिपोर्ट HMIS पोर्टल पर समय पर प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं। परियोजना निदेशक सुमित कुमार ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी केंद्र रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें और निगरानी को मजबूत बनाया जाए।
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