यूपी में OBC छात्रों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी सौगात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बजट सत्र के दौरान पिछड़ा वर्ग (OBC) छात्रों की छात्रवृत्ति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच निवेश और रोजगार को लेकर तीखी बहस देखने को मिली, लेकिन इसी चर्चा के बीच ओबीसी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण आश्वासन भी सामने आया।

सभी OBC छात्रों को छात्रवृत्ति

पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी पात्र ओबीसी छात्र-छात्रा छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। उनका कहना था कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

बजट में उल्लेखनीय वृद्धि

मंत्री ने जानकारी दी कि पूर्ववर्ती सरकार के समय विभाग का बजट लगभग 1286 करोड़ रुपये था, जबकि वर्तमान सरकार में इसे बढ़ाकर करीब 3500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह वृद्धि न केवल वित्तीय प्राथमिकता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि सरकार पिछड़े वर्ग के छात्रों की शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए गंभीर है।

38 लाख छात्रों को लाभ देने का लक्ष्य

सरकार ने इस वर्ष लगभग 38 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यदि यह लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो यह राज्य में उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकन को बढ़ावा देने में सहायक साबित हो सकता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सहायता शिक्षा जारी रखने का मजबूत आधार बनती है।

शिक्षा के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण

ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सामाजिक और शैक्षिक सशक्तिकरण का माध्यम भी है। इससे न केवल ड्रॉपआउट दर में कमी आ सकती है, बल्कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर भी मिल सकते हैं। सरकार की यह पहल राज्य में समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि घोषित लक्ष्यों को किस हद तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाता है।

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