नई तकनीक से बढ़ी ताकत
इस मिसाइल का प्रमुख सुधार इसके इंजन में हुआ है। इसमें पुराने रैमजेट इंजन के स्थान पर ड्यूल-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर लगाया गया है, जिससे मिसाइल तेज, हल्की और ऊर्जा में सक्षम हो गई है। इसका मतलब है कि युद्ध के दौरान इसे तेजी से तैनात और स्थानांतरित करना आसान होगा।
ज्यादा लक्ष्य, तेज कार्रवाई
आकाश-एनजी अब एक साथ 100 से अधिक हवाई लक्ष्यों की पहचान कर सकता है और 10 लक्ष्यों पर एक ही समय में हमला कर सकता है। इसमें नया मल्टी-फंक्शन रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल टारगेटिंग सिस्टम लगाया गया है, जो कम रडार सिग्नेचर वाले ड्रोन और क्रूज मिसाइल जैसी चुनौतियों को भी संभाल सकता है।
युद्ध में विश्वसनीयता
इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप के समय सही समय पर विस्फोट सुनिश्चित करने के लिए इसमें ऑप्टिकल प्रॉक्सिमिटी फ्यूज जोड़ा गया है। इसका मतलब है कि कठिन परिस्थितियों में भी यह मिसाइल अपने लक्ष्य को भेदने में सफल रहेगी।
त्वरित तैनाती और कवरेज
Akash-NG का लॉन्चर 360 डिग्री घुमाव क्षमता के साथ काम करता है और 20 से 70 डिग्री ऊंचाई वाले लक्ष्य को निशाना बना सकता है। इसे केवल 20 मिनट में तैनात किया जा सकता है और रीलोडिंग की प्रक्रिया भी बेहद तेज है।
भारतीय एयर डिफेंस में नया अध्याय
यह प्रणाली केवल मिसाइल का उन्नयन नहीं है, बल्कि भारत के स्वदेशी एयर डिफेंस नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। Akash-NG से देश के रणनीतिक ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा मजबूत होगी, जिससे पड़ोसी देशों के लिए भी यह एक चेतावनी बन गई है।

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