निर्माण प्रक्रिया और भूमि अधिग्रहण
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे हरदोई से होते हुए फर्रुखाबाद तक जाएगा। मार्ग में जलालाबाद तहसील के तीन गांव महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में शामिल हैं। एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 792 किसानों की 36 हेक्टेयर भूमि का बैनामे प्रक्रिया शुरू हो गई है। वर्तमान में 45 किसानों के बैनामे पूरे हो चुके हैं और 28 फरवरी तक सभी भूमि के बैनामे संपन्न होने की योजना है। इसके बाद उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) निर्माण कार्य शुरू करेगा।
समय और दूरी में बड़ी राहत
लिंक एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद शाहजहांपुर, हरदोई, पीलीभीत, बदायूं और खीरी जैसे जिलों के लोग आगरा एक्सप्रेसवे तक सीधे पहुँच सकेंगे। वर्तमान में इन जिलों से आगरा जाने में लगभग आठ घंटे लगते हैं। नए एक्सप्रेसवे से यह समय लगभग आधा हो जाएगा।
मार्ग और इंटरचेंज
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे इटावा, कन्नौज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद से शाहजहांपुर के रास्ते हरदोई तक जाएगा। यह ताखा (इटावा) से शुरू होकर कौसिया (हरदोई) तक बनेगा। रूपापुर के पास इंटरचेंज बनाए जाएंगे, जो रावतपुर गांव को लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ा होगा। मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हो चुका है। अब इसे वाराणसी से सोनभद्र तक बढ़ाने की योजना है। इससे प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में सड़क नेटवर्क और औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी।

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