बिहार में बंपर भर्ती की तैयारी, युवा रहें तैयार: मिशन मोड में सरकार

पटना। बिहार में आने वाला वित्तीय वर्ष रोजगार के लिहाज से अहम साबित हो सकता है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि विभिन्न आयोगों और चयन संस्थाओं में लंबे समय से खाली पड़े पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। इसके साथ ही नई नियुक्तियों के लिए परीक्षा कैलेंडर और प्रशिक्षण ढांचे पर भी काम शुरू हो चुका है।

युवा आयोग से लेकर लोकायुक्त तक नियुक्तियां

राज्य में गठित किए गए युवा आयोग में शीर्ष पदों पर चयन होना है। अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात सदस्यों की नियुक्ति प्रस्तावित है। यह नियुक्ति सीधे सरकार के स्तर से की जाएगी। इसके अलावा सूचना आयोग, तकनीकी सेवा आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग, अनुसूचित जाति आयोग और लोकायुक्त संस्थान में भी रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कई संस्थाओं में अध्यक्ष और सदस्य स्तर के पद खाली हैं, जिन पर निर्णय नए वित्तीय वर्ष में लिया जाना है।

प्रतियोगी परीक्षाओं का बड़ा कैलेंडर

सिर्फ आयोगों में मनोनयन ही नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से भी व्यापक भर्ती की तैयारी है। न्यायिक सेवा में सिविल जज के पदों पर चयन की प्रक्रिया जारी है। कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से बड़ी संख्या में पदों पर परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। तकनीकी और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पदों पर भी नियुक्तियों का लक्ष्य तय किया गया है। इससे प्रशासनिक, तकनीकी और न्यायिक क्षेत्रों में मानव संसाधन की कमी दूर करने की कोशिश होगी।

प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए बड़ी संख्या में भर्ती

न्यायिक सेवा के तहत असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) के 173 पदों पर प्रक्रिया जारी है।

कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से 31 हजार से अधिक पदों पर परीक्षा आयोजित की जानी है।

लोक सेवा आयोग द्वारा 18 हजार से ज्यादा पदों के लिए चयन प्रक्रिया प्रस्तावित है।

तकनीकी सेवा आयोग ने 43 हजार से अधिक पदों पर अनुशंसा भेजने का लक्ष्य रखा है।

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