रक्षा से लेकर शिक्षा तक: Budget 2026 में हर सेक्टर को बड़ा पैकेज

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का नौवां केंद्रीय बजट पेश करते हुए साफ संकेत दे दिया कि आने वाले वर्षों में भारत का विकास किन स्तंभों पर टिका होगा। Budget 2026 में सरकार ने परिवहन और रक्षा क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है, साथ ही हर सेक्टर का ध्यान रखा गया हैं।

परिवहन बना बजट का सबसे बड़ा फोकस

बजट में सबसे अधिक राशि परिवहन क्षेत्र के लिए रखी गई है। सरकार ने इस सेक्टर पर 5,98,520 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। इसमें सड़क, रेल, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस निवेश से रोजगार सृजन को गति मिलेगी और देश की आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

रक्षा क्षेत्र पर भी रिकॉर्ड खर्च

रक्षा क्षेत्र को दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा मिला है। Budget 2026 में रक्षा पर 5,94,585 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। यह राशि सेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशी हथियारों के विकास और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में उपयोग की जाएगी। बढ़ते वैश्विक तनाव और सीमा सुरक्षा को देखते हुए सरकार का यह कदम रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

गृह मंत्रालय और कृषि पर भी जोर

सरकार ने गृह मंत्रालय के लिए 2,55,234 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। इसमें आंतरिक सुरक्षा, पुलिस बलों का आधुनिकीकरण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों पर खर्च होगा। वहीं कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों के लिए 1,62,671 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की कोशिश की जाएगी।

शिक्षा और स्वास्थ्य को बड़ी हिस्सेदारी

Budget 2026 में शिक्षा के लिए 1,39,289 करोड़ रुपये और स्वास्थ्य के लिए 1,04,599 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। शिक्षा बजट का उपयोग स्कूल, उच्च शिक्षा और कौशल विकास योजनाओं में किया जाएगा, जबकि स्वास्थ्य बजट से अस्पतालों, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।

ऊर्जा, शहरी विकास और डिजिटल सेक्टर पर निवेश

सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में 1,09,029 करोड़ रुपये, शहरी विकास में 85,522 करोड़ रुपये और आईटी व टेलिकॉम सेक्टर में 74,560 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। इससे स्मार्ट सिटी, डिजिटल इंडिया और ग्रीन एनर्जी जैसे अभियानों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

अन्य महत्वपूर्ण सेक्टरों के लिए कितना बजट का प्रवधान

कॉमर्स एंड इंडस्ट्री: 70,296 करोड़ रुपये

सोशल वेलफेयर: 62,362 करोड़ रुपये

साइंटिफिक डिपार्टमेंट्स: 55,756 करोड़ रुपये

टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन: 45,500 करोड़ रुपये

एक्सटर्नल अफेयर्स: 22,119 करोड़ रुपये

फाइनेंस मंत्रालय: 20,649 करोड़ रुपये

नॉर्थ ईस्ट डेवलपमेंट: 6,812 करोड़ रुपये

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