योगी सरकार का बड़ा फैसला: ITI छात्रों के लिए खुशखबरी, आधुनिक तकनीक में प्रशिक्षण शुरू

लखनऊ। यूपी में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक दौर से जोड़ने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के राजकीय आईटीआई में पढ़ने वाले छात्र इंडस्ट्री-ग्रेड मशीनों और अत्याधुनिक उपकरणों पर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना है, ताकि वे रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सकें।

तीन संस्थाओं के बीच समझौता

प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय ने Sri Sri Rural Development Program Trust और Schneider Electric India Foundation के साथ मिलकर एक अहम समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत प्रदेश के 20 राजकीय आईटीआई में आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इनमें इलेक्ट्रिशियन ट्रेनिंग लैब और रिन्यूएबल एनर्जी लैब शामिल होंगी। अगले तीन वर्षों में लगभग 8,250 छात्रों को इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

इन जिलों में बनेंगी लैब?

इस परियोजना के तहत लखनऊ, कानपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, वाराणसी, जौनपुर, नोएडा, आगरा, मथुरा, झांसी, बरेली, मेरठ, प्रयागराज, गाजीपुर, गोरखपुर, गोंडा, बिजनौर, सोनभद्र और आजमगढ़ सहित कई जिलों के राजकीय आईटीआई में आधुनिक लैब स्थापित की जाएंगी।

क्या मिलेगा छात्रों को?

नई लैब में छात्रों को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जैसे—

सोलर पैनल की स्थापना और रखरखाव

सोलर वाटर पंप और हाइब्रिड सोलर सिस्टम

इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और मोटर कंट्रोल सिस्टम

इस प्रशिक्षण से छात्र न केवल सौर ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्र में दक्ष बनेंगे, बल्कि औद्योगिक ऑटोमेशन की बारीकियां भी समझ सकेंगे। इससे मल्टीनेशनल कंपनियों और बड़ी औद्योगिक इकाइयों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

युवाओं के भविष्य की मजबूत नींव

यह पहल प्रदेश के युवाओं को हरित ऊर्जा और ऑटोमेशन जैसे उभरते क्षेत्रों में दक्ष बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यदि इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के आईटीआई छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

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