1 .अंतरजातीय विवाह को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
राज्य में अभी अंतरजातीय विवाह पर एक लाख रुपये की सहायता समाज कल्याण विभाग के माध्यम से दी जाती है। अब प्रस्ताव है कि एससी-एसटी कल्याण विभाग भी अपनी अलग योजना लागू करे, जिसके तहत ऐसे दंपतियों को 2.5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस योजना के प्रारूप पर विभागीय स्तर पर मंथन जारी है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो अंतरजातीय विवाह को सामाजिक स्वीकार्यता दिलाने और भेदभाव कम करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जाएगा।
2 .विदेश में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति
दूसरी योजना का संबंध उच्च शिक्षा से है। राज्य सरकार विदेश में अध्ययन करने वाले बिहार के एससी-एसटी छात्रों को छात्रवृत्ति देने की तैयारी में है। यह पहल केंद्र सरकार की नेशनल ओवरसीज स्कीम के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने इस संबंध में केंद्र से विमर्श किया है और प्रस्ताव को सकारात्मक संकेत मिला है। योजना लागू होने पर पात्र छात्र-छात्राओं को विदेश में पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता मिल सकेगी, जिससे आर्थिक बाधाएं कम होंगी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम
सरकार का मानना है कि ये दोनों योजनाएं सामाजिक न्याय और शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। एक ओर जहां अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर प्रतिभाशाली छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। अब नजर इस बात पर है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी कब तक मिलती है और जमीन पर इन्हें किस गति से लागू किया जाता है।

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