बिहार में रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त तय, जानें किस समय भाई की कलाई पर बांधें राखी

पटना: भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस साल 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करेंगी। पर्व को लेकर बिहार में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राखी बांधने के लिए शुभ समय का विशेष महत्व माना जाता है।

पंचांग के अनुसार, 28 अगस्त को बिहार में राखी बांधने का सबसे उत्तम समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। यानी बहनों के पास करीब 3 घंटे 51 मिनट का शुभ समय रहेगा। इस अवधि में भाई को राखी बांधना शुभ माना जा रहा है।

सुबह का समय रहेगा सबसे खास

रक्षाबंधन के दिन सुबह का समय राखी बांधने के लिए विशेष रूप से अनुकूल रहेगा। बहनें स्नान आदि से निवृत्त होकर पूजा की थाली तैयार कर सकती हैं। इसके बाद शुभ मुहूर्त में भाई को तिलक लगाकर आरती करें और उसकी कलाई पर राखी बांधें। राखी बांधने के बाद भाई अपनी बहन को उपहार देकर उसकी रक्षा और सम्मान का संकल्प लेता है।

अभिजीत मुहूर्त भी विकल्प

अगर किसी कारण से सुबह के बताए गए शुभ समय में राखी नहीं बांध पाएं तो अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक रहेगा। हालांकि इस समय के बीच राहुकाल की अवधि भी पड़ती है, इसलिए समय का चयन करते समय स्थानीय पंचांग को ध्यान में रखना बेहतर रहेगा।

भद्रा को लेकर नहीं होगी परेशानी

रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। उपलब्ध पंचांग जानकारी के अनुसार भद्रा 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगी, इसलिए 28 अगस्त की सुबह राखी बांधने के समय भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। यही वजह है कि सुबह का शुभ समय बहनों के लिए सुविधाजनक माना जा रहा है।

राहुकाल में राखी बांधने से बचें

28 अगस्त को राहुकाल सुबह 10:54 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ कार्यों के लिए राहुकाल से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे में अगर सुबह के शुभ मुहूर्त में राखी बांधना संभव हो तो इसे प्राथमिकता दी जा सकती है।

ऐसे करें रक्षाबंधन की तैयारी

राखी बांधने से पहले पूजा की थाली में रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखी जा सकती है। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं, फिर आरती करें और शुभ मुहूर्त में राखी बांधें। इसके बाद भाई को मिठाई खिलाकर उसके सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना करें।

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