पिछले कुछ समय में प्याज के दाम तेजी से बढ़े हैं। 25 अगस्त को देश में प्याज का औसत खुदरा भाव करीब 44.72 रुपये प्रति किलो था, जबकि एक महीने पहले यह लगभग 34.80 रुपये था। कई जगह खुदरा बाजार में प्याज 55 से 60 रुपये किलो तक बिक रहा है। ऐसे में सरकारी बिक्री से आम उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
बफर स्टॉक से बाजार में आएगा प्याज
सरकार के पास 2026 के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार है। इसी भंडार से प्याज निकालकर उन बाजारों में भेजा जा रहा है, जहां कीमतों में ज्यादा तेजी देखी जा रही है। चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति बढ़ाने के साथ परिवहन की विशेष व्यवस्था भी की जा रही है।
इन जगहों पर मिलेगी सस्ती प्याज
दिल्ली में रियायती प्याज की बिक्री नेफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार के माध्यम से की जाएगी। एनसीसीएफ केंद्रीय भंडार की करीब 100 दुकानों से उपभोक्ताओं तक प्याज पहुंचाएगा। दिल्ली-एनसीआर में बिक्री का दायरा बढ़ाने के लिए मदर डेयरी केंद्रों को भी इसमें शामिल किए जाने की संभावना है। नेफेड दिल्ली के अलावा कोच्चि और गुवाहाटी जैसे शहरों में भी सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराएगा। आगे चलकर कोलकाता, भुवनेश्वर, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और रायपुर समेत अन्य बड़े शहरों में भी इस व्यवस्था का विस्तार किया जा सकता है।
विशेष ट्रेनों से पहुंच रहा प्याज
महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र से दिल्ली समेत दूसरे शहरों तक प्याज पहुंचाने के लिए विशेष मालगाड़ियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। एनसीसीएफ और नेफेड दोनों अपने बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति बढ़ा रहे हैं। सरकार के इस हस्तक्षेप का असर थोक बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। नासिक और लासलगांव जैसे प्रमुख बाजारों में कीमतों में नरमी दर्ज की गई है। उम्मीद है कि बाजार में अतिरिक्त सरकारी आपूर्ति बढ़ने से प्याज के दाम पर दबाव कम होगा और आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

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