LPG ग्राहकों के लिए खुशखबरी, केंद्र सरकार ने उठाया बड़ा कदम

नई दिल्ली। देश में एलपीजी की सप्लाई को लेकर सरकार ने वैकल्पिक इंतजाम तेज कर दिए हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र से गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है। ऐसे समय में भारत ने अमेरिका से एलपीजी और एलएनजी की खरीद बढ़ाकर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

मौजूदा स्थिति में अमेरिका भारत के लिए गैस का एक अहम वैकल्पिक स्रोत बनकर सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त महीने में अब तक भारत ने अमेरिका से करीब 6.2 लाख टन एलपीजी मंगाई है। इससे पहले जुलाई में भी अमेरिका से बड़ी मात्रा में एलपीजी की खरीद की गई थी।

दूसरी तरफ खाड़ी देशों से आने वाली गैस में कमी दर्ज की गई है। अगस्त में यूएई से भारत को लगभग 1.40 लाख टन एलपीजी मिली। कतर की तरफ से करीब 60 हजार टन की आपूर्ति हुई, जबकि जुलाई और अगस्त के दौरान सऊदी अरब से एलपीजी की सप्लाई नहीं हुई।

LNG की खरीद में भी बदलाव

एलपीजी के अलावा भारत ने एलएनजी के लिए भी अमेरिका से खरीद बढ़ाई है। अगस्त में अब तक अमेरिका से लगभग 7.2 लाख टन एलएनजी भारत पहुंच चुकी है। इससे साफ है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच भारत गैस की सप्लाई के लिए अलग-अलग देशों से विकल्प तलाश रहा है।

होर्मुज संकट का असर

पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव का असर ऊर्जा कारोबार पर भी पड़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य तेल और गैस की आवाजाही का प्रमुख समुद्री रास्ता है। यहां पैदा हुई स्थिति के कारण खाड़ी देशों से दूसरे देशों तक ऊर्जा उत्पादों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

भारत अपनी घरेलू जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में एलपीजी और एलएनजी आयात करता है। ऐसे में अमेरिका से बढ़ी खरीद को सप्लाई बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता को सामान्य रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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