कमर और रीढ़ में लगातार दर्द? इन बीमारियों का हो सकता है इशारा

हेल्थ डेस्क। कमर या रीढ़ में दर्द होना आजकल आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत मुद्रा में सोना या अचानक वजन उठाने से भी पीठ में दर्द हो सकता है। हालांकि, अगर दर्द लगातार बना रहे, बार-बार लौटे या समय के साथ बढ़ता जाए तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार यह रीढ़ से जुड़ी किसी बीमारी या दूसरी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।

स्लिप डिस्क

रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद डिस्क पर दबाव पड़ने या उसके खिसकने से स्लिप डिस्क की समस्या हो सकती है। इसमें कमर के साथ पैरों में दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है।

स्पाइनल स्टेनोसिस

रीढ़ की नलिका के संकरी होने की स्थिति को स्पाइनल स्टेनोसिस कहा जाता है। इसमें कमर दर्द के साथ पैरों में भारीपन, कमजोरी या चलने पर दर्द बढ़ने जैसी परेशानी हो सकती है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस

उम्र बढ़ने के साथ रीढ़ के जोड़ और कार्टिलेज में घिसाव होने से ऑस्टियोआर्थराइटिस हो सकता है। इसमें कमर में दर्द और अकड़न की शिकायत रहती है, खासकर लंबे समय तक आराम करने के बाद।

ऑस्टियोपोरोसिस

हड्डियों के कमजोर होने की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस में रीढ़ की हड्डियों पर फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। कभी-कभी मामूली चोट या दबाव के बाद भी तेज पीठ दर्द हो सकता है।

मांसपेशियों में खिंचाव

भारी सामान उठाने, गलत तरीके से व्यायाम करने या लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने से पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है। आमतौर पर आराम और उचित देखभाल से इसमें सुधार हो सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर कमर या रीढ़ का दर्द कई दिनों तक बना रहे, लगातार बढ़ रहा हो या इसके साथ पैरों में कमजोरी, सुन्नपन, चलने में परेशानी, बुखार या चोट के बाद तेज दर्द हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सही कारण की जांच के बाद ही उचित इलाज तय किया जा सकता है।

0 comments:

Post a Comment