सितंबर से बदलेगी बिक्री व्यवस्था
सरकार कृत्रिम कमी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सितंबर से नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। अब चीनी मिलों को बिक्री के लिए मासिक की जगह पखवाड़े के हिसाब से कोटा दिया जाएगा। इससे बाजार में चीनी की उपलब्धता पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी। नई व्यवस्था के तहत मिलों को तय मात्रा की चीनी समय पर बाजार में भेजनी होगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिक्री के बाद सात दिनों के भीतर आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।
जमाखोरी पर सरकार की नजर
खाद्य मंत्रालय की जांच में कुछ मिलों के स्टॉक और बिक्री को लेकर अनियमितताएं सामने आई थीं। सरकार का मानना है कि बाजार में कीमतों की तेजी के पीछे जमाखोरी और सट्टेबाजी भी एक बड़ा कारण रही। सरकार ने साफ कहा है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और लोगों को जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने की आवश्यकता नहीं है।
आगे और मिल सकती है राहत
सरकार ने घरेलू आपूर्ति मजबूत रखने के लिए कच्ची चीनी के आयात की अनुमति देने के साथ थोक खरीदारों के भंडारण पर भी नियंत्रण के कदम उठाए हैं। नए पेराई सत्र के शुरू होने के बाद उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में आने वाले महीनों में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहने और खुदरा कीमतों में और राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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