योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सबसे पहले उत्पादित आलू बीज का प्रमाणीकरण कराना होगा। इसके लिए यूपी बीज आलू संस्थान से प्रमाणपत्र लेना जरूरी होगा। प्रमाणित बीज के बाद किसान जिला उद्यान विभाग में अपना पंजीकरण करा सकेंगे।
मेरठ समेत पश्चिमी यूपी के किसानों को फायदा
आपको बता दें की पश्चिमी यूपी के कई किसान आलू की खेती के साथ बीज उत्पादन भी करते हैं। ऐसे किसानों को इस योजना से आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है। प्रमाणित बीज की गुणवत्ता बेहतर होने से उसे दूसरे किसानों तक भी पहुंचाया जा सकेगा।
अक्टूबर के बाद क्षेत्र में अगैती आलू की बुवाई शुरू होने लगती है। ऐसे में बीज उत्पादन से जुड़े किसानों के लिए योजना का लाभ लेने का यह महत्वपूर्ण समय है। पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी के लिए किसान अपने जिला उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

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