हाल ही में बोस्टन में आयोजित बार्कलेज ग्लोबल कंज्यूमर स्टेपल्स कॉन्फ्रेंस में मोंडेलेज, लॉरियाल, नेस्ले, कोलगेट-पामोलिव, रेकिट और यूनिलीवर जैसी कंपनियों के अधिकारियों ने भारत की संभावनाओं पर जोर दिया। कंपनियों का मानना है कि भारतीय बाजार में अभी भी कई ऐसी कैटेगरी हैं, जहां प्रति व्यक्ति खपत दूसरे बड़े बाजारों की तुलना में काफी कम है। यही भविष्य की बड़ी संभावना बन रही है।
FMCG सेक्टर में बढ़ती उम्मीद
क्रिसिल रेटिंग्स के अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 में संगठित FMCG क्षेत्र का राजस्व करीब 8-10 प्रतिशत बढ़ सकता है। हालांकि महंगाई और ग्रामीण मांग पर दबाव के चलते वास्तविक बिक्री मात्रा की रफ्तार सीमित रहने की आशंका है। इसके बावजूद कंपनियां भारत में लंबे समय की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं।
कंपनियां बढ़ा रहीं अपना नेटवर्क
भारत में बड़ी कंपनियां नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने के साथ प्रीमियम उत्पादों, नई कैटेगरी और क्विक-कॉमर्स पर जोर दे रही हैं। मोंडेलेज जैसे ब्रांड वितरण नेटवर्क बढ़ाने में निवेश कर रहे हैं, जबकि लॉरियाल ने भारतीय बाजार में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। ब्यूटी और ई-कॉमर्स सेगमेंट में भी तेजी देखने को मिल रही है।
चीन की सुस्ती बनी भारत के लिए अवसर
ग्लोबल कंपनियों के लिए चीन लंबे समय से बड़ा ग्रोथ मार्केट रहा है, लेकिन वहां विकास की रफ्तार धीमी होने के बाद कंपनियां नए विकल्प तलाश रही हैं। ऐसे माहौल में भारत की बड़ी आबादी, बढ़ती आय, कम प्रति व्यक्ति खपत और तेजी से बदलता रिटेल बाजार उसे आकर्षक बना रहा है। यही वजह है कि आने वाले समय में भारत को ग्लोबल कंज्यूमर कंपनियों की रणनीति में और ज्यादा अहम जगह मिलने की उम्मीद है।

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