2.70 लाख रुपये तक की मदद
योजना के अनुसार ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर अनुमानित लागत करीब 6.75 लाख रुपये मानी गई है। सरकार इस लागत का 40 फीसदी यानी अधिकतम करीब 2.70 लाख रुपये तक अनुदान दे रही है। सब्सिडी की राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग चरणों में किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है।
इस योजना का लाभ केवल बड़े किसानों तक सीमित नहीं है। कम जमीन वाले किसान भी पात्रता पूरी करने पर इसका फायदा उठा सकते हैं। इसके लिए न्यूनतम 0.25 एकड़ जमीन की शर्त बताई गई है। सब्सिडी का भुगतान डीबीटी के जरिए किया जाता है, इसलिए किसान का बैंक खाता डीबीटी से जुड़ा होना जरूरी है।
ऑनलाइन करना होगा आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बिहार सरकार के उद्यान विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन से संबंधित जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे। आवेदन जमा होने के बाद मिलने वाले आवेदन नंबर को सुरक्षित रखना चाहिए।
दस्तावेजों और पात्रता की जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार सब्सिडी की राशि जारी की जाती है। ऐसे में बिहार के वे किसान जो खेती में नया प्रयोग कर अतिरिक्त आमदनी का रास्ता तलाश रहे हैं, उनके लिए ड्रैगन फ्रूट की खेती से जुड़ी यह योजना उपयोगी साबित हो सकती है।

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