रूस ने BRICS देशों को दिए शानदार ऑफर, अमेरिका-यूरोप की बढ़ी टेंशन?

नई दिल्ली। BRICS के मंच से रूस ने आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने की पहल की है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सदस्य देशों के बीच एक साझा इंश्योरेंस सिस्टम और अनाज का संयुक्त बाजार बनाने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना है कि बाहरी आर्थिक दबावों के बावजूद BRICS देश पूंजी, तकनीक और श्रम के क्षेत्र में आपसी सहयोग के नए रास्ते तैयार कर सकते हैं।

रूस के दो बड़े प्रस्ताव

BRICS शिखर सम्मेलन के अंतिम सत्र में पुतिन ने कहा कि समूह के पास आगे बढ़ने के लिए कई योजनाएं हैं। इनमें साझा बीमा व्यवस्था और अनाज बाजार प्रमुख हैं। रूस ने दूसरे सदस्य देशों को इन पहलों में शामिल होने का न्योता भी दिया है।

साझा बीमा व्यवस्था का प्रस्ताव रूस के लिए खास महत्व रखता है। पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण रूसी ऊर्जा कारोबार से जुड़ी कंपनियों और जहाजों के लिए बीमा व्यवस्था पर दबाव रहा है। ऐसे में BRICS देशों के बीच वैकल्पिक वित्तीय और बीमा तंत्र तैयार होने से रूस समेत अन्य सदस्य देशों को फायदा मिल सकता है।

न्यू डेवलपमेंट बैंक की भूमिका

पुतिन ने BRICS के न्यू डेवलपमेंट बैंक के कामकाज की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि बैंक करीब 140 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट्स से जुड़ा हुआ है। रूस का मानना है कि ऐसी संस्थाएं उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच स्वतंत्र आर्थिक सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

ग्लोबल साउथ को एकजुट होने का संदेश

पुतिन ने आर्थिक मुद्दों के साथ-साथ वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर भी जोर दिया। उन्होंने BRICS और ग्लोबल साउथ के देशों से समस्याओं के सिर्फ तत्काल असर पर नहीं, बल्कि उनके मूल कारणों पर भी मिलकर काम करने की अपील की।

BRICS के लगातार विस्तार ने भी इस समूह का प्रभाव बढ़ाया है। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से शुरू हुआ यह मंच अब कई नए सदस्यों को अपने साथ जोड़ चुका है। बढ़ती सदस्यता के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में BRICS की भूमिका भी लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।

रूस के नए प्रस्तावों को इसी बढ़ते आर्थिक सहयोग की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। अगर साझा बीमा और अनाज बाजार जैसी योजनाएं आगे बढ़ती हैं, तो BRICS देशों के बीच पश्चिमी वित्तीय ढांचे से अलग सहयोग का दायरा और मजबूत हो सकता है।

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