2025 के बाद बढ़ा निवेश
रिपोर्ट की खास बात यह है कि कुल निवेश का करीब आधा हिस्सा यानी 701 मिलियन डॉलर वर्ष 2025 के बाद आया। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक निवेशकों की भारत के चिप और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है।
इस क्षेत्र को सरकारी PLI योजनाओं, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ती मांग और कंपनियों के चीन से बाहर सप्लाई चेन तैयार करने की कोशिश से भी मजबूती मिल रही है। 2021 से 2025 के बीच उद्योग ने 36 फीसदी से अधिक CAGR दर्ज किया।
EMS में सबसे ज्यादा
सेमीकंडक्टर से जुड़े क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) निवेशकों की पसंद बना हुआ है। 2025 के बाद इस क्षेत्र में 313 मिलियन डॉलर का निवेश आया। वहीं एम्बेडेड हार्डवेयर में 51.9 मिलियन डॉलर की फंडिंग दर्ज की गई।
बेंगलुरु सबसे आगे
देश में सेमीकंडक्टर से जुड़ी करीब 3,557 कंपनियां काम कर रही हैं। इनमें बेंगलुरु सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। शहर में 626 कंपनियां हैं और कुल इक्विटी फंडिंग में इसकी हिस्सेदारी करीब 40.1 फीसदी है। नोएडा, गुरुग्राम, कोच्चि और हैदराबाद भी तेजी से इस क्षेत्र में अपनी जगह बना रहे हैं।
वहीं 17 से 19 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली में होने वाला Semicon India 2026 सम्मेलन भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को नई गति देने वाला अहम आयोजन माना जा रहा है।

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