किसे मिलेगा कितना अनुदान?
सामान्य वर्ग के लाभुकों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत या अधिकतम 4.32 लाख रुपये, जो भी कम हो, अनुदान दिया जाएगा। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लाभुकों के लिए यह सहायता परियोजना लागत की 50 प्रतिशत या अधिकतम 5.40 लाख रुपये तक होगी। योजना के तहत यूनिट की प्रसंस्करण क्षमता 100 से 200 किलोग्राम प्रति घंटे निर्धारित की गई है। अनुदान की राशि पात्र लाभुक के बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाएगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना के लिए FPO, उद्यमी, व्यक्तिगत आवेदक और अन्य पंजीकृत संस्थाएं आवेदन कर सकती हैं। व्यक्तिगत आवेदक की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। FPO का कम से कम दो साल से पंजीकृत और संचालित होना जरूरी है। परियोजना लागत का न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा लाभुक को स्वयं लगाना होगा। इसके साथ बैंक से ऋण लेना भी अनिवार्य किया गया है।
इन खर्चों पर नहीं मिलेगा अनुदान
सरकार की सहायता मुख्य रूप से प्रसंस्करण मशीनरी की खरीद के लिए होगी। जमीन खरीदने, बिजली कनेक्शन, कर्मचारियों और रोजमर्रा के संचालन से जुड़े खर्च को अनुदान में शामिल नहीं किया जाएगा। मशीनरी की खरीद OFMAS पोर्टल पर सूचीबद्ध विक्रेताओं से करनी होगी। यूनिट स्थापित करने के बाद परिसर को कम से कम तीन साल तक संचालित और व्यवस्थित रखना होगा।
8 सितंबर से शुरू हैं आवेदन की प्रक्रिया
इच्छुक लोग 8 सितंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन बिहार कृषि विभाग के पोर्टल या बिहार कृषि एप के जरिए किया जा सकता है। आवेदन के साथ DPR, बैंक ऋण स्वीकृति या सहमति पत्र, आधार, बैंक विवरण और संस्थागत आवेदकों के लिए पंजीकरण प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज लगाने होंगे।

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