सरकार ने प्याज को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने के लिए ट्रकों के साथ 'कांदा एक्सप्रेस' स्पेशल ट्रेनों का भी इस्तेमाल किया है। अब तक 8 ऐसी ट्रेनों और 467 ट्रकों के जरिए 2 लाख क्विंटल से ज्यादा प्याज 123 शहरों तक पहुंचाई जा चुकी है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की भी तैयारी है।
मंडियों में भी घटे दाम
सरकारी सप्लाई बढ़ने और आवक में सुधार का असर महाराष्ट्र की मंडियों में भी नजर आया है। यहां प्याज का औसत भाव 16 सितंबर को करीब 4,030 रुपये प्रति क्विंटल था, जो 3 अक्टूबर को घटकर लगभग 3,475 रुपये रह गया। यानी कीमत में करीब 13 फीसदी की कमी आई है।
कई शहरों में खुदरा कीमतें कम
खुदरा बाजार में भी उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है। पिछले दो हफ्तों में 126 शहरों में प्याज के दाम 1 से 21 रुपये प्रति किलो तक घटे हैं। तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में कीमतों में कमी दर्ज की गई है।
इसके अलावा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और राजस्थान जैसे उत्पादक राज्यों से नई खरीफ प्याज की आवक शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में सप्लाई बढ़ने से त्योहारों के दौरान प्याज की उपलब्धता बेहतर रहने और कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।

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