अमेरिका ने बनाए 4 घातक लेजर हथियार, जानें कितने ताकतवर हैं ये सिस्टम

न्यूज डेस्क। दुनिया भर में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और इनके जरिए होने वाले हमलों ने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को नई चुनौती दी है। इसी खतरे से निपटने के लिए अमेरिका ने ड्रोन रोधी तकनीक पर जोर बढ़ाया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने चार डायरेक्टेड-एनर्जी सिस्टम को सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए चुना है। इनमें हाई-एनर्जी लेजर और हाई-पावर माइक्रोवेव जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है।

इन हथियारों की खासियत यह है कि इन्हें पारंपरिक मिसाइल या गोलाबारूद की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाता। लेजर सिस्टम ऊर्जा की किरणों के जरिए ड्रोन के अहम हिस्सों को निशाना बना सकते हैं, जबकि माइक्रोवेव तकनीक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को प्रभावित करने के लिए काम आती है। इनका उद्देश्य ड्रोन खतरे के खिलाफ तेज प्रतिक्रिया और कम लागत वाले विकल्प उपलब्ध कराना है।

1. AeroVironment का हाई-एनर्जी लेजर:

यह पोर्टेबल लेजर सिस्टम है, जिसे जरूरत के मुताबिक सैन्य वाहनों या दूसरी जगहों पर तैनात किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल हवाई खतरों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।

2. Epirus का Leonidas माइक्रोवेव सिस्टम:

यह हाई-पावर माइक्रोवेव तकनीक पर आधारित है। इसकी खासियत एक साथ कई ड्रोन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को प्रभावित करने की क्षमता है, जिससे ड्रोन का नियंत्रण और कामकाज बाधित हो सकता है।

3. Kord का Firefly लेजर सिस्टम:

यह हाई-एनर्जी लेजर तकनीक पर आधारित ड्रोन-रोधी सिस्टम है। इसे छोटे हवाई लक्ष्यों के खिलाफ तेज और सटीक कार्रवाई के लिए विकसित किया गया है।

4. Boeing का Compact Laser Weapon System:

जैसा नाम से स्पष्ट है, यह अपेक्षाकृत कॉम्पैक्ट लेजर हथियार है। इसका छोटा आकार इसे अलग-अलग सैन्य परिस्थितियों में तेजी से तैनात करने में उपयोगी बनाता है।

अमेरिका इन तकनीकों को वास्तविक सैन्य परिस्थितियों में परखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इन प्रणालियों की सफलता से ड्रोन हमलों से निपटने की रणनीति में बदलाव आ सकता है और भविष्य की एयर डिफेंस व्यवस्था में डायरेक्टेड-एनर्जी हथियारों की भूमिका और बढ़ सकती है।

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