85.27 किमी रेल ट्रैक होगा डबल
प्रस्ताव के तहत दिल्ली से शामली तक करीब 85.27 किलोमीटर रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। परियोजना के लिए कुल 11.54 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित किए जाने की योजना है। इसमें अकेले बागपत में करीब 8.49 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी।
दोहरीकरण के बाद रेल लाइन की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी। प्रस्तावित लाइन को 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार के लिहाज से विकसित किए जाने की बात सामने आई है।
बागपत में अधिकारियों से हुई चर्चा
रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर की ओर से बागपत के अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना से जुड़ी तैयारियों पर चर्चा की गई। फाइनल सर्वे, ट्रैफिक आकलन और डीपीआर तैयार करने के लिए विभिन्न विभागों से आंकड़े और सुझाव मांगे गए हैं।
इसमें यात्री संख्या, औद्योगिक गतिविधियां, भूमि अधिग्रहण, बिजली-पानी और दूरसंचार की लाइनों जैसी जानकारियां शामिल हैं। सड़क यातायात का कितना हिस्सा रेलवे की ओर आ सकता है, इसका भी आकलन किया जाएगा।
यात्रियों के साथ उद्योगों को भी फायदा
रेल लाइन डबल होने से बागपत और शामली समेत पश्चिमी यूपी के लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। ज्यादा ट्रेनों के संचालन की संभावना के साथ माल ढुलाई की क्षमता भी बढ़ सकती है।
रेल नेटवर्क मजबूत होने से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है। इस तरह यह परियोजना सिर्फ यात्रियों के सफर को आसान नहीं करेगी, बल्कि पश्चिमी यूपी के आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
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