यूपी में 'शिक्षकों' के तबादले को लेकर बड़ा अपडेट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त (एडेड) इंटर कॉलेजों में शिक्षकों के तबादले को लेकर इन दिनों भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लगभग 2000 शिक्षक, जिन्होंने स्थानांतरण के लिए ऑफलाइन माध्यम से आवेदन किया था, अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, ऑनलाइन आवेदन करने वाले लगभग 1200 शिक्षकों के तबादले सुचारु रूप से संपन्न हो चुके हैं। इससे ऑफलाइन और ऑनलाइन प्रक्रिया के बीच भारी असंतुलन देखने को मिल रहा है।

तबादले की प्रक्रिया में बदलाव बना परेशानी की जड़

शुरुआत में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों से ऑफलाइन माध्यम से स्थानांतरण के लिए आवेदन मांगे थे। नियमानुसार, इन आवेदनों को जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), संबंधित स्कूल प्रबंधन और संयुक्त शिक्षा निदेशक (JDE) से अनुमोदन प्राप्त कर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय भेजा गया था। कई शिक्षकों ने इस प्रक्रिया में अपना समय और श्रम लगाया, आवश्यक दस्तावेज जुटाए, और स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया को गंभीरता से निभाया।

हालांकि, 27 जून को आए एक नए आदेश ने स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। इस आदेश के अनुसार, स्थानांतरण प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। भले ही आदेश में स्पष्ट किया गया कि 7 जून तक प्राप्त ऑफलाइन आवेदन मान्य माने जाएंगे, लेकिन अब तक उन आवेदनों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी है।

महिला शिक्षक सर्वाधिक प्रभावित

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय उपाध्यक्ष और प्रवक्ता डॉ. आर.पी. मिश्रा ने बताया कि इस प्रक्रिया में सबसे अधिक प्रभावित महिला शिक्षक हैं। इनमें से कई ने तबादले की उम्मीद में अपने बच्चों का दाखिला नए जिलों के स्कूलों में भी करा दिया है। लेकिन स्थानांतरण रुक जाने से उन्हें अब दोहरी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, न तो वे वर्तमान विद्यालय में पूरी तरह सक्रिय रह पा रही हैं और न ही नए जिले में कार्यभार ग्रहण कर पा रही हैं।

प्रशासनिक उदासीनता या तकनीकी अनदेखी?

शिक्षकों के अनुसार, उनके ऑफलाइन फॉर्म माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में पड़े हुए हैं, लेकिन उन पर कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या विभाग केवल ऑनलाइन प्रक्रिया को ही प्राथमिकता दे रहा है? यदि ऐसा है तो पहले से जमा किए गए ऑफलाइन फॉर्म को लेकर स्पष्टता क्यों नहीं दी जा रही?

समाधान की आवश्यकता

शिक्षक संघ और प्रभावित शिक्षक अब सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि उन सभी शिक्षकों के स्थानांतरण शीघ्र किए जाएं जिन्होंने तय समयसीमा में ऑफलाइन आवेदन जमा किए थे। यह भी जरूरी है कि भविष्य में स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर विभागीय दिशा-निर्देश एक बार में स्पष्ट रूप से जारी किए जाएं ताकि शिक्षकों को भ्रम और दोहरी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े।

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