क्या है आदेश की मुख्य बातें?
सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है: सभी गैर-कर ई-चालान कोर्ट में लंबित या समय सीमा समाप्त कर चुके मामलों को स्वतः निरस्त माना जाएगा। कार्यालय स्तर पर पेंडिंग चालानों को भी जल्द निस्तारित कर ई-चालान पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। यह छूट केवल Non-Tax चालानों पर लागू होगी, Tax से जुड़े चालान इस दायरे से बाहर रहेंगे। जो जुर्माने पहले से भर दिए गए हैं, उनकी कोई वापसी नहीं होगी। एक बार बंद हो चुके चालान पुनः सक्रिय नहीं किए जाएंगे।
30 लाख से अधिक चालानों का समाधान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2017 से 2021 के बीच कुल 30.52 लाख ई-चालान जारी किए गए थे। इनमें से लगभग 17.59 लाख मामलों का पहले ही निस्तारण हो चुका है। अब बचे हुए 12.93 लाख मामलों को इस आदेश के तहत रद्द किया जाएगा। 10.84 लाख चालान अदालतों में लंबित हैं, जबकि 1.29 लाख चालान विभागीय स्तर पर लंबित हैं। इस निर्णय से इन सभी मामलों का समाधान संभव हो सकेगा।
वाहन मालिकों को क्यों मिलेगा सीधा फायदा?
लंबित चालानों के कारण अब तक वाहन मालिकों को निम्न सेवाओं में रुकावटों का सामना करना पड़ता था: फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने में देरी, परमिट और वाहन ट्रांसफर प्रक्रिया में बाधा, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट प्राप्त करने में समस्या, नए वाहन रजिस्ट्रेशन या पुनः पंजीकरण में जटिलताएं। सरकार का मानना है कि इन मामलों के निपटारे से सेवा प्रक्रियाएं तेज होंगी और आम जनता को राहत के साथ-साथ सरकारी विभागों पर दबाव भी कम होगा।

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