बिहार में 'शिक्षकों' को बड़ी सौगात, सरकार ने किया ऐलान!

पटना। बिहार के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने अंतर जिला स्थानांतरण प्रक्रिया से वंचित रह गए लगभग 17,000 शिक्षकों को एक और अवसर देने का फैसला किया है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में नया निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन शिक्षकों को पहले चरण में उनके तीन विकल्पों में से कोई जिला आवंटित नहीं हो पाया, वे अब नए विकल्पों के साथ पुनः आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की नई तिथि

इस संशोधित प्रक्रिया के तहत शिक्षक 23 सितंबर से 28 सितंबर 2025 तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। नई शर्त यह है कि इस बार शिक्षकों को पूर्व में चयनित तीन जिलों को छोड़कर नए तीन जिलों का विकल्प देना होगा।

पारदर्शी और कम्प्यूटराइज्ड प्रक्रिया

शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह पूरी प्रक्रिया मुख्यमंत्री के निर्देश पर पारदर्शी और ऑनलाइन मोड में संचालित की जा रही है। पहले चरण में कुल 41,689 शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था, जिनमें से लगभग 24,600 शिक्षकों को उनके तीन में से किसी एक पसंदीदा जिले में स्थानांतरित कर दिया गया।

बता दें की इसमें महिला शिक्षकों की संख्या 17,960 और पुरुष शिक्षकों की संख्या 23,729 थी। खास बात यह रही कि दिव्यांग महिला शिक्षकों में से 92% को उनके पसंदीदा जिले में स्थानांतरण मिला, जबकि दिव्यांग पुरुष शिक्षकों में यह आंकड़ा 83% रहा।

17,000 शिक्षकों को दोबारा मौका

बचे हुए 17,000 शिक्षकों के लिए अब यह दूसरा अवसर बेहद महत्वपूर्ण है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण उन्हीं जिलों में किया जाएगा जहां छात्र-शिक्षक अनुपात और विषयवार रिक्ति उपलब्ध होगी। इसके लिए जिलों में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बनी समिति विद्यालय आवंटन की अंतिम प्रक्रिया को अंजाम देगी।

0 comments:

Post a Comment