रूस ने अब तक चार एस-400 प्रणालियां भारत को प्रदान कर दी हैं और पांचवीं प्रणाली की आपूर्ति 2026 में पूरी कर दी जाएगी। इस डील के तहत भारत को अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराए जाएंगे, जो देश की वायु सुरक्षा को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाएंगे।
अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच भारत की प्रतिबद्धता
इस डील के दौरान अमेरिका की ओर से संभावित प्रतिबंधों की चेतावनी के बावजूद भारत ने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए इस अत्याधुनिक रक्षा प्रणाली की खरीद को प्राथमिकता दी। मार्च 2021 में अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने भी भारत को इस सौदे पर पुनः विचार करने की सलाह दी थी, लेकिन भारत ने अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं के मद्देनजर एस-400 की खरीद जारी रखी।
ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की भूमिका
इस वर्ष मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 मिसाइल सिस्टम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑपरेशन सिंदूर एक सैन्य अभियान था, जिसमें भारत ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था। इस अभियान के दौरान S-400 ने देश की वायु सुरक्षा को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
भविष्य की संभावनाएं: एस-500 मिसाइल सिस्टम
भारत ने भविष्य में और अधिक उन्नत मिसाइल प्रणालियों की खरीद में रुचि दिखाई है। मंत्री सेठ ने यह भी बताया कि भारत एस-500 मिसाइल प्रणाली हासिल करने के विकल्प तलाश रहा है, जो कि S-400 से भी अधिक आधुनिक और प्रभावशाली है। एस-500 प्रणाली भारत की सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूती प्रदान करेगी।

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