85 प्रखंडों में इसी वर्ष शुरुआत
राज्य सरकार ने पहले चरण में 85 प्रखंडों में डिजिटल लाइब्रेरी शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इन स्थानों पर भवन और जगह की पहचान हो चुकी है। योजना है कि चालू वित्तीय वर्ष के भीतर यहां लाइब्रेरी संचालित हो जाएं। इसके अलावा 158 प्रखंडों में स्थल चयन की प्रक्रिया जारी है, जिससे आने वाले समय में और क्षेत्रों को जोड़ा जा सके।
सभी 243 विधानसभा को जोड़ने का लक्ष्य
सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य राज्य के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में कम से कम एक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करना है। इससे शिक्षा का ढांचा अधिक संतुलित और सुलभ बनेगा। ग्रामीण छात्रों को अब बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी लाइब्रेरी
इन डिजिटल लाइब्रेरी में हाईस्पीड इंटरनेट, कंप्यूटर सिस्टम, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को विशेष लाभ मिलेगा। छात्र ऑनलाइन कोर्स, ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर और मॉक टेस्ट जैसी सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे।
लाइब्रेरी के संचालन के लिए एजेंसी चयन
लाइब्रेरी के सफल संचालन के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया जारी है। प्रशिक्षित मानव संसाधन की नियुक्ति, आवश्यक उपकरणों की खरीद और फर्नीचर की व्यवस्था पर भी काम चल रहा है। सरकार का दावा है कि छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा।
शिक्षा में डिजिटल क्रांति की ओर कदम
यह योजना केवल लाइब्रेरी खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा के स्वरूप को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो बिहार के हजारों छात्र-छात्राओं को घर के पास ही बेहतर अध्ययन वातावरण मिल सकेगा और वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अधिक मजबूती से भाग ले सकेंगे। इस पहल से उम्मीद है कि बिहार में डिजिटल शिक्षा का नया अध्याय शुरू होगा और शिक्षा की पहुंच पहले से कहीं अधिक व्यापक और सशक्त बनेगी।

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