1. AMCA फाइटर जेट
भारत Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) विकसित कर रहा है। यह पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान चीन के J-35, J-20 जैसे आधुनिक जेट से मुकाबला करने में सक्षम होगा। AMCA में स्टील्थ तकनीक, पावरफुल इंजन, AI-आधारित सिस्टम और उन्नत हथियार प्रणाली लगेगी। इसका निर्माण पब्लिक-प्राइवेट मॉडल में होगा, जिससे विकास और प्रोडक्शन में गति आएगी।
2. BrahMos NG – अगली पीढ़ी की मारक शक्ति
ब्रहमोस मिसाइल का नेक्स्ट जेनरेशन वर्जन (BrahMos-NG) तैयार हो रहा है। यह पुराने वर्जन से हल्की और कॉम्पैक्ट होगी, लेकिन रेंज और ताकत में कहीं अधिक। BrahMos-NG को तेजस जैसे हल्के लड़ाकू विमानों में भी लगाया जा सकेगा। इसकी गति और प्रिसिजन इसे युद्ध क्षेत्र में बेहद खतरनाक बनाती है।
3. डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) – लेजर हथियार
भारत लेजर और माइक्रोवेव आधारित हथियारों का विकास कर रहा है। DEW की खासियत यह है कि यह टारगेट को बिना धमाके के नष्ट कर सकता है। इनसे ड्रोन, मिसाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक हथियारों को निशाना बनाया जा सकेगा। इसकी सटीकता और हाईटेक तकनीक इसे भविष्य की युद्ध प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला बनाती है।
4. कुशा प्रोजेक्ट – लॉन्ग-रेंज और बेहतर सुरक्षा कवच
कुशा प्रोजेक्ट रूस के S-400 जैसी प्रणाली के आधार पर विकसित किया जा रहा है। यह लॉन्ग-रेंज सरफेस-टू-एयर डिफेंस सिस्टम होगा, जो हवाई खतरे को तेजी से पहचान कर नष्ट कर सकेगा। इसकी अनुमानित रेंज 300 किलोमीटर के आसपास होगी। इस प्रणाली से भारत की सीमाओं पर सुरक्षा और नियंत्रण दोनों मजबूत होंगे।
5. हाइपरसोनिक वेपन – गति और शक्ति का बेजोड़ संगम
भारत हाइपरसोनिक हथियारों पर भी काम कर रहा है। इसमें हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) और स्क्रैमजेट इंजन वाली क्रूज मिसाइल शामिल हैं। HGV का ट्रायल अगले 2-3 साल में पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, स्क्रैमजेट सिस्टम की 1000 सेकंड तक सफल टेस्टिंग पहले ही पूरी हो चुकी है। हाइपरसोनिक हथियार इसे अत्यंत खतरनाक और तेजी से मारक बनाते हैं।

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